दुनिया में बढ़ते भू-राजनीतिक तनाव और ऊर्जा बाजार की अनिश्चितता के बीच भारत की गैस सप्लाई को लेकर चर्चा तेज हो गई है। अगर LNG की सप्लाई अचानक रुक जाए तो क्या भारत में गैस की कमी हो सकती है? देश के पास कितना स्टॉक है और सरकार का बैकअप प्लान क्या है?
भारत ने इस संभावित गैस संकट से निपटने के लिए गैस स्टॉक, आयात के नए स्रोत, घरेलू उत्पादन और बड़े गैस प्रोजेक्ट्स पर आधारित एक मजबूत रणनीति बनाई है।
भारत के पास कितने दिन का गैस स्टॉक है?
ऊर्जा सुरक्षा बनाए रखने के लिए भारत सीमित लेकिन रणनीतिक गैस रिजर्व रखता है।
आमतौर पर भारत के पास:
- LPG (घरेलू सिलेंडर गैस) – लगभग 15–20 दिन का स्टॉक
- LNG (उद्योग और CNG के लिए) – लगभग 20–30 दिन का स्टॉक
देश में गैस आयात और स्टोरेज का बड़ा हिस्सा कंपनियां संभालती हैं जैसे
Petronet LNG,
GAIL India और
Indian Oil Corporation।
सरकार भविष्य में कम से कम 30 दिन का LNG रिजर्व अनिवार्य करने पर भी काम कर रही है।
भारत में गैस स्टॉक का अनुमान
| गैस का प्रकार | उपयोग | अनुमानित स्टॉक |
|---|---|---|
| LPG | घरेलू सिलेंडर और कुकिंग गैस | 15–20 दिन |
| LNG | उद्योग, बिजली और CNG | 20–30 दिन |
| PNG | घरों और कमर्शियल उपयोग | नियमित पाइपलाइन सप्लाई |
भारत खुद कितनी गैस बनाता है?
भारत अपनी जरूरत की पूरी गैस खुद नहीं बनाता। देश की कुल गैस जरूरत का लगभग आधा हिस्सा घरेलू उत्पादन से आता है।
मुख्य गैस उत्पादक कंपनियां हैं:
- Oil and Natural Gas Corporation
- Reliance Industries
- Oil India Limited
कुल गैस सप्लाई में:
- 50–55% गैस भारत खुद पैदा करता है
- 45–50% गैस विदेशों से आयात होती है
मुख्य गैस फील्ड:
- Krishna-Godavari Basin
- Mumbai High Offshore
- Assam Gas Fields
भारत किन देशों से गैस खरीदता है?
भारत LNG के रूप में कई देशों से गैस आयात करता है ताकि सप्लाई सुरक्षित रहे।
मुख्य सप्लायर देश:
- Qatar
- United States
- Oman
- United Arab Emirates
- Australia
Table: भारत को गैस सप्लाई करने वाले प्रमुख देश
| देश | गैस का प्रकार | विशेष जानकारी |
|---|---|---|
| Qatar | LNG | भारत का सबसे बड़ा गैस सप्लायर |
| United States | LNG | शेल गैस से LNG निर्यात |
| Oman | LNG | आपात स्थिति में स्पॉट कार्गो |
| United Arab Emirates | LNG | शॉर्ट-टर्म कॉन्ट्रैक्ट सप्लाई |
| Australia | LNG | दुनिया के बड़े LNG निर्यातकों में से एक |
गैस की कमी से निपटने के लिए भारत का नया नियम
संभावित गैस संकट से निपटने के लिए सरकार ने Natural Gas Supply Regulation Order 2026 लागू किया है।
इस व्यवस्था में गैस सप्लाई को प्राथमिकता के आधार पर दिया जाता है।
सबसे पहले गैस मिलेगी:
- घरेलू PNG गैस
- CNG (वाहनों के लिए)
- LPG उत्पादन
इसके बाद गैस दी जाएगी:
- फर्टिलाइजर उद्योग
- औद्योगिक उपयोग
- पावर प्लांट
जरूरत पड़ने पर सरकार पावर सेक्टर की गैस कम कर सकती है ताकि घरेलू उपयोग प्रभावित न हो।
भारत का सबसे बड़ा नया गैस प्रोजेक्ट
भारत की ऊर्जा सुरक्षा में महत्वपूर्ण भूमिका निभाने वाला प्रोजेक्ट है KG-D6 Deepwater Gas Project।
इस प्रोजेक्ट को संचालित किया जा रहा है:
- Reliance Industries
- BP
मुख्य विशेषताएं:
- समुद्र की 2000 मीटर से अधिक गहराई से गैस उत्पादन
- लगभग 30 MMSCMD उत्पादन क्षमता
- घरेलू गैस उत्पादन में बड़ी वृद्धि की संभावना
अक्सर पूछे जाने वाले सवाल (FAQ)
1. भारत के पास कितने दिन का गैस स्टॉक होता है?
भारत के पास आमतौर पर लगभग 20 से 30 दिन का LNG गैस स्टॉक और करीब 15 से 20 दिन का LPG गैस स्टॉक रहता है, जिससे आपात स्थिति में सप्लाई जारी रखी जा सके।
2. भारत अपनी गैस जरूरत का कितना हिस्सा खुद पैदा करता है?
भारत अपनी कुल प्राकृतिक गैस जरूरत का लगभग 50 से 55 प्रतिशत हिस्सा खुद पैदा करता है, जबकि बाकी गैस विदेशों से आयात की जाती है।
3. भारत किन देशों से गैस आयात करता है?
भारत मुख्य रूप से कतर, अमेरिका, ओमान, संयुक्त अरब अमीरात और ऑस्ट्रेलिया से LNG गैस आयात करता है।
4. अगर गैस सप्लाई रुक जाए तो सबसे पहले गैस किसे मिलेगी?
सरकार की नीति के अनुसार सबसे पहले घरेलू PNG गैस, CNG और LPG उत्पादन को प्राथमिकता दी जाती है ताकि आम लोगों को गैस की कमी न हो।
5. भारत का सबसे बड़ा नया गैस प्रोजेक्ट कौन सा है?
KG-D6 डीपवॉटर गैस प्रोजेक्ट भारत के सबसे बड़े गैस प्रोजेक्ट्स में से एक है, जिससे देश में प्राकृतिक गैस उत्पादन बढ़ने की उम्मीद है।
6. भारत की ऊर्जा नीति में गैस की क्या भूमिका है?
भारत सरकार का लक्ष्य है कि 2030 तक देश की ऊर्जा में गैस की हिस्सेदारी 6% से बढ़ाकर लगभग 15% तक की जाए, जिससे ऊर्जा सुरक्षा मजबूत हो सके।

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